Saturday, September 26, 2009

खुला आसमान चाहिए



मुझको टीवी नहीं देखना
कंपयूटर से नहीं खेलना
बर्गर पिज्जा आइसक्रीम
नहीं चाहिए चाऊमीन
लूडो कैरम अगड़म-बगड़म
मुझको कुछ भी नहीं चाहिए
तितली के संग मुझे खेलना
बादल से बातें करनी है
तारों को है गिनना मुझको
इंद्रधनुष के रंग चाहिए
जंगल-झाड़ी नदी पहाड़
सागर रेगिस्तान चाहिए
खूब बड़ा मैदान जहां हो
खुला हुआ आसमान चाहिए
अप्पू चाहिए मोगली चाहिए
साबू पहलवान चाहिए

3 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

शाबाश बबलू
अच्छा बच्चा

समयचक्र - महेंद्र मिश्र said...

बब्लू जी
वाह वाह खाली को क्यों छोड़ दिया है जी

Akshita (Pakhi) said...

वाह, बहुत प्यारा गीत..मजा आ गया.

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"पाखी की दुनिया' में आपका स्वागत है.